भारतीय भाषाओं द्वारा ज्ञान

Knowledge through Indian Languages

Dictionary

अंगनाइ, अँगनाई

स्त्री.

संज्ञा
[हिं. पु. आँगन]
आँगन, चौक, अजिर।
(माई) बिहरत गोपाल राइ मनि मन रचे अँगनाइ लरकत पररिंगनाइ, घुटरूनि डोलै-१०-१०१।

अंगभंग

पुं.

संज्ञा
[सं.]
अंग का भंग या खंडित होना।

अंगभंग

वि.
अपाहिज, लूला, लुंज।

अंगभंगी

स्त्री.

संज्ञा
[सं.]
मोहित करने की स्त्रियों की क्रिया। अंगों को मोड़ना, मरोड़ना।

अंगभंगी

स्त्री.

संज्ञा
[सं.]
आकृति।

अंगराग

पुं.

संज्ञा
[सं.]
शरीर में लगाने का सुगन्धित लेप।

अंगराग

पुं.

संज्ञा
[सं.]
वस्त्राभूषण।

अंगराग

पुं.

संज्ञा
[सं.]
महावर आदि स्त्रियों के लेप।

अँगवाना

क्रि. स.
[सं. अंग]
अंगीकार करना।

अँगवाना

क्रि. स.
[सं. अंग]
सहना।

अँगवान्यो

क्रि. स.
[सं. अग]
अंग में लगाया, शरीर में मला।
चदन और अरगजा आन्यो। अपने कर बल के अँगवान्यो-२३२१।

अंगहीन

वि.
[सं. अंग + हीन = रहित]
खंडित अंग का, लँगड़ा-लूला।

अंगहीन

पुं.

संज्ञा
कामदेव।

अंगा

वि.
[सं. अंग]
अंगोंवाली।
मनौ गिरिवर तैं आवति गंगा। राजति अति रमनीक राधिका यहि बिधि अधिक अनूपम अंगा १०-१९०५।

अंगा

पुं.

संज्ञा
अँगरखा, चपकन।

अंगा

पुं.

संज्ञा
अंग।
नख सिखे लौं मीन जाल जड़यो अंग-अंगा-९-९७।

अंगा

पुं.

संज्ञा
मोटी रोटी या रोट (अंगकरी) बड़ी लीटी।

अँगार, अंगार

पुं.

संज्ञा
[सं.]
दहकता हुआ कोयला।
पद-नख-चन्द-चकोर विमुख मन, खात अँगार मई-१-२९९।

अँगार, अंगार

पुं.

संज्ञा
[सं.]
चिनगारी।
(क) उचटत भरि अंगार गगन लौं, सूर निरखि ब्रज जन बेहाल-५९४।
(ख) अति अगिनि-झार, भंभार धुंधार करि, उचटि अंगार झंझार छायौ-५९६।

अँगिया

स्त्री.

संज्ञा
[सं. अंगिका, प्रा. अँगिआ]
चोली, अधपेटी।

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