भारतीय भाषाओं द्वारा ज्ञान

Knowledge through Indian Languages

Dictionary

Definitional Dictionary of International Law (English-Hindi)(CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

A B C D E F G H I J K L M N O P Q R S T U V W X Y Z

objective territoriality principle

कर्तृगत प्रादेशीयता सिद्धांत
दे. Territoriality.

occupation

आधिपत्य
1. किसी राज्य द्वारा किसी स्वामी विहीन भूमि अथवा प्रदेश पर अपना प्रभावकारी अधिकार स्थापित करना । यह भूभाग प्राप्ति का एक प्रधान साधन माना जाता है ।
2. यदि कोई विजयी सेना किसी भूभाग पर अस्थआयी तौर पर अपना नियंत्रण स्थापित करती है तो ऐसी स्थिति को आधिपत्य कहते हैं । अधीनस्थ प्रदेश के निवासियों के पारस्परिक संबंध एवं उनके अधइकार तथा कर्तव्य अंतर्राष्ट्रीय विधइ द्वारा नियमित होते ह जिनका निरूपण सन् 1949 की चतुर्थ जेनेवा अभिसंधि में किया गया था ।

odious debt

घृणिति ऋण
वे ऋण जो विशेषकर गृह – युद्ध में शासन द्वारा विद्रोहकारियों के दमन हेतु लिए गए हों । ऐसा समझा जाता है कि विद्रोह के सफल होने पर सफल विद्रोहकारी इस प्रकार के ऋणों की अदायगी के लिए बाध्य नहीं हैं अर्थात् उन्हें इन ऋणों का उत्तराधिकारी नहीं समझा जा सकता ।

opening of hostilities (=out break of war)

युद्धारंभ
युद्ध अथवा युद्धात्मक कार्रवाइयों का प्रारंभ होना । हेग अभइसमय (1907) के अनुसार युद्ध का प्रारंभ विधिवत् चेतावनी देकर किया जाना चाहिए । दूसरे महायुद्ध से पूर्व तक इस नियम का सामान्यतः पालन हुआ परंतु 1939 में जर्मनी द्वारा पोलैंड पर ब ना किसी चेतावनी के आक्रमण किया गया और तब से अब तक प्रायः इस अभिसमय की अवहेलना होती रही है । इसका मुख्य कारण यह है कि 1928 के पश्चात् अग्र – आक्रमक युद्ध अवैध घोषित हो जाने से (जिसका अनुसमर्थन राष्ट्रसंघ के प्रसंविदा और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर मे भी मिलता है ) कोई राज्य युद्ध की घोषणा करके अग्र – आक्रमणकारी होने का दोष अपने ऊपरलेना नही चाहता ।

open sea

खुला समुद्र, महासमुद्र
भूमंजल का लगभग 70 प्रतिशत भाग जलाच्छादित है जिससे पाँच महासागरों का निर्माण होता है । प्रत्येक महासागर का वह भाग जो किसी तटीय राज्य -व शेष के भूभागीय समुद्र की सीमा में नहीं आता, खुला समुद्र अथा महासमुद्र कहलाता है । महासमुद्र में सभी राज्यों को नौपरिवहन, मत्स्य – हरण, अधाःसमुद्री तार बिछाने उसके ऊपरी आकाश पर उड़ानें भरने और वैज्ञानिक शोध का कार्यक्रम चलाने के अधइकार होते हैं । इन्हीं अधिकारों को सामूहिकरूप से समुद्री स्वतंत्रताएँ कहा जाता है ।
दे. high seas भी ।

operative provisions

प्रवर्नकारी उपबंध
किसी अंतर्राष्ट्रीय संधि अथवा समझौते की वे धाराएँ जिनमें संधि को लागू करने से संबंधित निर्देशों का उल्लेख होता है ।

opposability

प्रतिबंध्याता, बाधनीयता
दे. Concept of opposability.

optional clause

वैकल्पिक खंड, ऐच्छिक खंड
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के विधान के अनुच्छेद 36 के अंतर्गत सदस्य – राज्यों द्वारा अपने निर्धिरित विवादों को सुलझाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय न्यालय का क्षेत्राधिकार स्वीकार करने की घोषणा जिसका निर्णय प्रायः पारस्परिकता के आधार पर किया जाता है । इस प्रकार न्यायालय का क्षेत्राधिकार अनिवार्य रूप से स्वीकार करना भी राज्यों की स्वेच्छा पर निर्भर करता है ।
दे. compulsory jurisdiction भी ।

Organization of African Unity (OAU)

अफ्रीकी एकता संगठन
यह एक क्षेत्रीय राजनीतिक संगठन है । इसकी स्थआपना सन् 1963 मे की गई थी । सभी स्वतंत्र अफ्रीकी राज्य इसके सदस्य हैं । इसका उद्देश्य अफ्रीकी देशों में एकता की भावना उत्पन्न करना, उनकी सुरक्षा के लिए विचार – विमर्श करना तथा उपनिवेशवाद का विरोध करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए आपस में सहयोग और समन्वय करना है ।
इसके शासनाध्यक्षों की बैठक प्रतिवर्ष होती है । इसका एक सचिवालय भी है जो इसके मुख्यालय अदिस अबाबा में स्थित है ।

Organization of American States (OAS)

अमेरिकी राज्य संगठन
यह एक क्षेत्रीय राजनीतिक संघटन है जिसकी स्थआपना सन् 1948 मे बगोटा में हुए अनेरिकी राज्यों के एक सम्मेलन द्वारा की गई थी । संयुक्त राज्य अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका के गणराज्य इसके सदस्य हैं । इस संगठन का मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र के राज्यों के पारस्परिक हितों के संरक्षणार्थ अनेक क्षेत्रों, विशेषकर सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, तकनीकी आदि में समान नीतियों का निर्धारण करना है । इसके अतिरिक्त यह सदस्य – राज्यों मे पारस्परिक विवादों को शआंतिमय उपायों द्वारा तय किए जाने को भी प्रोत्साहित करता है । समय – समय पर यह संगठन पश्चिमी गोलार्द्ध की सुरक्षा संबंधी समस्याओं और नीतियों पर भी विचार – विमर्श करता है ।
इस अमेरिकी राज्य संगठन के छह मुख्य अंग हैं :-
1. अंतर – अमेरिकी सम्मेलन – जिसका अधिवेशन पाँच वर्ण में एक बार ह ता ह और जो संगठन की सामान्य नीतियाँ निर्धारित करता है ।
2. परिषद् – इसमें प्रत्येक सदस्य – राज्य का एक – एक प्रतिनिधि होता है और जो सम्मेलन द्वारा निर्धारित नीतियों के क्रायन्वयन का निरीक्षण करती ह ।
3. विदेश मंत्रियों की परामर्शदात्री बैठकें – ये आवश्यकतानुसार समय – समय पर आयोजित की जाती हैं ।
4. अखिल अमेरिकी संघ – यह संगठन के सचिवालय का कार्य करता है ।
5. विशिष्ट सम्मेलन – यह तकनीकी समस्याओं पर विचार करने के लिए समय – समय पर आयोजित किए जाते हैं ।
6. विशिष्ट अभिकरण – ये सामाजिक आर्थिक, मानवीय, वैज्ञानिक, तकनीकी आदि क्षएत्रों में सदस्य – राज्यों के मध्य सहयोग और समन्वय का आयोजन करते हैं ।

original members

मूल सदस्य
किस संगठन, संधि, संघ अथवा संस्थआ के संस्थापक सदस्य । जैसे, किसी संधि को संपादित करने वाले हस्ताक्षरकर्ता राज्य या सानफ्रांसिसको सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र के चार्टर पर हस्ताक्षर करने वाले 50 राज्य ।

out break of war

युद्धारंभ
दे. Oepning of hostilities.

outer space

बाह्य अंतरिक्ष
किसी राज्य के आकाशवर्ती प्रदेश की सीमा से आगे का वायुमंजल जिसे अंतरिक्ष अथवा बाह्य अंतरिक्ष कहा जाता है । वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय विधि क अनुसार अंतरिक्ष अधीनस्थ प्रदेश की आकाशवर्ती संप्रबुता से बाहर होता है । यह निर्धारित करन सरल नहीं है कि राज्य के आकाशवर्ती क्षेत्राधिकार का अंत कहां होता है और कहाँ से अंतरिक्ष की सीमा प्रारंभ होती है । एक लेखक के अनुसार पृथ्वी के वायुमंडल तक, जो पाँच सौ और अठारह हजार मील के बीच कही भी हो सकात ह, राज्य का क्षेत्राधिकार माना जाए और उसके आगे के नभमंजल को अंतरिक्ष । एक अन्य विचार यह है कि वायु अथवा गैस पर निर्भर यंत्रों की संभावित उड़ान की सीमा तक जो लगभग पच्चीस मील की ऊँचाई तक होती है, राज्य का आकाशवर्ती प्रदेश माना जाए और उससे आगे का बाह्य अंतरिक्ष ।

outlawry of war

युद्ध – निषएध, युद्ध – वर्जन
इसाक, अर्थ है संप्रभु राज्यों का युद्ध का परंपरागत अधइकार न रहना ।सर्वप्रथम 1928 मे पेरिस मे अमेरिका और फ्रांस के बीच एक संधि हुई थी जिसे कैलाग – ब्रियाँ पैक्ट अथवा पेरिस पैक्ट भी कहते हैं । इसके अनुसार राज्यों ने राष्ट्रीय नीति के उपकरण के रूप मे युद् के अधिकार के परित्याग करने की घोषमा की थी । इससे पूर्व राज्ट्र संघ की प्रसंविदा मे युद्ध के अधइकार को सीमित करने की व्यवस्था की गी थी । संयुक्त राअटर के चार्टर में युद्धतो क्या, सभी प्रकार के बल प्रयोग अथवा बल प्रयोग की धमकी देने के अधिकार से भी राज्यों ने अपने आप को वंचित कर दिया है । इस प्रकार आज की अंतर्राष्ट्रीय विधी के अनुसार युदध पूर्णतया वर्जित हो गया है ।

Search Dictionaries

Loading Results

Follow Us :   
  Download Bharatavani App
  Bharatavani Windows App